योगदान के ग्यारह माह पश्चात भी तालिमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवी को मानदेय भुगतान नहीं, स्वयं सेवी के समक्ष भूख मरी उत्पन्न

सीतामढ़ी/ज़िला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सीतामढ़ी के निर्णयालोक में लोक प्राधिकार डी पी ओ साक्षरता सीतामढ़ी के आदेश के आलोक में जिला कार्यक्रम पदादिकारी  साक्षरता सीतामढ़ी के पत्रांक 228 दिनांक 11.07.2016 के आदेशालोक में मोहम्मद कमरे आलम को महादलित अल्पसंख्यक एवं अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना में तालिमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवी के पद पर योगदान कर कार्य करने का आदेश प्राप्त हुआ। कमरे आलम ने आदेश का अनुपालन करते हुए समबंधित विद्यालय प्राथमिक विद्यालय एकडण्डी उर्दू कन्या परिहार सीतामढ़ी में दिनांक 11.07.2016 को योगदान कर नियमित रूप से कार्य करना प्रारम्भ कर दिया और कर रहे हैं मगर योगदान के ग्यारह महीने पश्चात भी मानदेय से वंचित हैं।

मोहम्मद कमरे आलम ने बताया कि मानदेय राशि भुगतान हेतु ज़िला कार्यक्रम पदादिकारी साक्षरता को तीन-तीन अभ्यावेदन विभिन्न तिथियों में दे चुका हूँ परन्तु अभी तक मानदेय राशि का भुगतान नहीं किया गया है, मानदेय राशि भुगतान के अभाव में मानसिक रूप से तनाव में रहता हूँ।

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ज़िला साक्षरता कार्यालय के भ्रष्ट नीति के कारण पूर्व तालिमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवी सड़कों पर भटकने पर मजबूर

बिहार के ज़िला साक्षरता कार्यालय के भ्रष्ट नीति के कारण पूर्व तालिमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवी सड़कों पर भटकने पर मजबूर हैं।पूरे बिहार में जिला साक्षरता कार्यालयों की भ्रष्टाचार नीतियों के कारण सभी पूर्व शिक्षा स्वयं सेवियों को अक्षर आँचल योजना में स्वयं सेवी के रूप में नही रखा गया जिस कारण आज भी सैंकड़ों तालिमी मरकज़ के पूर्व स्वयं सेवी सड़कों की धुल छान व फाँक रहे हैं मगर जन शिक्षा निदेशालय बिहार पटना संज्ञान लेने को तैयार नहीं।

​समायोजन की अभिलाषा लिए रानीगंज प्रखण्ड के टोला सेवक पंचानंद ऋषि देव का निंधन 

समायोजन की अभिलाषा लिए रानीगंज प्रखण्ड के टोला सेवक पंचानंद ऋषि देव का निंधन

समायोजन की अभिलाषा लिए रानीगंज प्रखण्ड के टोला सेवक पंचानंद ऋषि देव का निंधन 

शिक्षक के रूप में विद्यालय में समायोजन की अभिलाषा लिए रानीगंज प्रखंड के टोला सेवक पंचानंद ऋषि देव का आज  निंधन हो गया।मोहम्मद कमरे आलम सीतामढ़ी और मो. गालिब जिला अ० अररिया तालीमी मरकज संघ रानीगंज प्रखंड के टोला सेवक पंचानंद ऋषि देव के निंधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। और साथ ही सरकार से शोका कुल परिवार को अविलम्ब अनुग्रह अनुदान राशि निर्गत करने और परिवार के एक सदस्य को बहाल करने की माँग की है।

सम्पादक के नाम पत्र

To,The Director Mass education Patna

Subject: – Regarding honorarium payment.

Context: -Depts given on 23/01 / 2017,18 / 02/2017 and 06/03/2017

Sir,

In the above mentioned subject, it is to be mentioned that in the light of the decision of District Public Grievance Officer, Sitamarhi’s Decision No. 40411_0038 dated 24.06.2016, I, according to the office of District Program Officer Literacy Sitamarhi 228 dated 11/07/2016 dated 11/07/2016, 2016 by contributing to Talimi Markaz education as a self-serving school, working in primary school Ekdandi Urdu Kanya Parihar Sitamarhi. But Ten months later, due to non-payment of honorarium payment, financial constraints have arisen and due to which I remain in mental stress. I have already submitted three representations for payment of pending honorarium but honorarium payments have not been done.Therefore, please be kind to sympathetic attention and release the honorarium payment amount. My absence statement is deposited in the office. Attending the shadow copy of the representations and contribution previously submitted with the application (4
Faithfully

Mohamed Qamre Alam

Talimi Markaz, EVS Primary school Ekdandi Urdu girl Parihar District Sitamarhi 843324Mobile 9199320345

केन्द्र व राज्य प्रायोजित अल्पसंख्यक योजनायों की मॉनिटरिंग अनुसूचित जाति योजनायों की तरह होनी चाहिए- मोहम्मद कमरे आलम

​  मोहम्मद कमरे आलम ने प्रेस वार्ता कर सरकार से माँग किया है कि केन्द्र व राज्य प्रायोजित अल्पसंख्यक योजनायों की मॉनिटरिंग अनुसूचित जाति योजनायों की तरह होनी चाहिए

परसौनी प्रखणड का देमा गाँव विकास के दौड़ में भी पक्की सड़क से वंचित 

​परसौनी प्रखंड के देमा पंचायत का देमा गाँव का पूर्वी मुहल्लाह आजादी के 69 साल बाद भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है।जहाँ नीतीश सरकार के द्वारा हर घर जल ,नल,हर गली में पक्की सड़कें और नालीकरण की बातें की जा रहीं हैं वहीं आज भी देमा गाँव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क”  पमड़ा से देमा  ” मार्ग का पक्कीकरण नही हो पाया है।इस मार्ग में ईट सोलिंग ही दिखाई पड़ रहा है और ईंट सोलिंग भी ऐसा कि अगर पैदल भी सम्भल कर नही चलें तो पैड़ का टूटना तय ।यही वो मार्ग है जो अनुसूचित जाति मुहल्लाह को जोड़ने के साथ – साथ पंचायत भवन और ग्राम कचहरी को भी जोड़ता है।जहाँ बिहार में हर तरफ विभिन्न योजनाओं के तहत सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है जहाँ पहुँच पथ नही है वहाँ पहुँच पथ निर्माण की बातें की जा रही हैं वहीं देमा पंचायत के देमा गांव के इस मार्ग को अभी तक प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजनान्तर्गत नहीं जोड़ा जाना कई सवाल पैदा करता है क्या इस मार्ग को इसलिए वंचित रखा गया क्योंकि ये मार्ग अल्पसंख्यक व अनुसूचित बस्ती को जोड़ता हैं ?