अभिनंदन समारोह आयोजित

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत परिहार कांग्रेस कमिटी के कार्यकारी अध्यक्ष मो सउद आलम के अध्यक्षता में उनके आवास एकडंडी परिहार प्रखंड कांग्रेस कार्यलय में अभिनंदन समारोह प्रोग्राम का आयोजन किया गया जिस में कार्यकारी अध्यक्ष मो सउद आलम ने अपने प्रखंड कांग्रेस कमिटी का विस्तार किया गया और अपने पदाधिकारियों को फूल माना पहना कर सभी को

समानित किया गया पद पाने वाले में श्री (1)रामा शंकर गुप्ता प्रखंड प्रधान सचिव (2) मुन्नी खातून प्रखंड सचिव (3) मो तमन्ने आलम प्रखंड उप अध्यक्ष (4) मो जमील अख्तर मन्सूरी प्रखंड सचिव इन सभी सदस्यों को समानित किया गया और इस सभा को संबोधित करते हुए सउद आलम साहब ने कहा की अपने सभी कार्यकर्ताओ को की श्री राहुल गांधी जी को प्रधानमंत्री बनाने के और 2019 के लोकसभा चुनाव तैयारी में एक जुट हो जाइये और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को जागरूक कीजिये और मोदी सरकार के नाकामियो को आम जनताओं तक पहुँचाइये और परिहार प्रखंड वाशियो को दुर्गा पूजा की हार्दिक बधाई दी गई और लोगो से अपील किये हैं की शांति पूर्ण तरीके से दशहरा पर्व को मनाने की और अप जिस पे सभी कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में त

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डीजल की कीमत में बृद्धि के अनुपात में यात्री भाड़ा तिगुना बृद्धि किया जाना सरासर अन्याय व् शोषण है :- नागेंद्र कुमार पासवान

नागेन्द्र कुमार पासवान भारतीय मजदूर संघ सीतामढ़ी माननीय मुख्यमन्त्र , प्रधान सचिव,परिवहन विभाग,बिहार,सभी प्रमण्डलीय आयुक्त
,सभी जिला पदाधिकारी ,सभी जिला परिवहन पदाधिकारी को को आवेदन दे कर विरोध दर्ज करवा है उन्होंने लिखा है कि बिहार मोटर ट्रांस्पोटर फेडरेशन द्वारा मनमानी तरीके से बस यात्री भाड़ा में अप्रत्याशित बृद्धि कर दी गई है जिससे आम यात्री में असन्तोष एवम् आक्रोश व्याप्त है।डीजल की कीमत में बृद्धि के अनुपात में यात्री भाड़ा तिगुना बृद्धि किया गया है जो सरासर अन्याय व् शोषण है।उन्होंने मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेश एवम् शासन के साथ मिल बैठकर जनहीत में समुचित भाड़ा निर्धारित किए जाने की माँग की है ताकि निजी बस मालिकों के शोसन से आम जन को निजात मिल सके।

सीतामढ़ी के0आर0पी0(अक्षर आँचल योजना) सूची को निरस्त कर नए सिरे से नियमानुसार किया जाए

सामाजिक, आर्थिक,शैक्षिक रूप से पिछड़ा दलित ,महादलित, अल्पसंख्यकों की असाक्षर महिलाओं को साक्षर करने तथा अनामांकित क्षिजित,अनियमित बच्चों को विद्यालय पहुँचाने एवं कमजोर बच्चों को उपचारात्मक शिक्षा देने के लिए बिहार सरकार द्वारा 10000(दस हजार) तालिमी मरकज़ 20000(बीस हजार) उत्थान केंद्र पर नियोजित टोला सेवक तथा शिक्षा सेवी को प्रशिक्षण देने केन्द्रों का अनुश्रवण, प्रबोधन करने के लिए सीतामढ़ी जिला के 17(सत्रह) प्रखण्डों में 17 KRP का नियोजन किया गया था।जिसमें एक भी अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति, व अल्पसंख्यक समुदाय का नियोजन नहीं किया गया है।जबकि उत्थान केंद्र की स्थापना केवल दलित,महादलित एवं तालीमी मरकज की स्थापना केवल अल्पसंख्यक(मुस्लिम) समुदाय के लिए किया गया है।तालीमी मरकज साक्षरता केन्द्र पर नामांकित शिशुक्षु को उर्दू प्राइमर ,योजना के प्रारंभिक समय से ही आज तक उपलब्ध नहीं कराया गया और न ही तालिमी मरकज़ पर नामांकित बच्चों को उर्दू किताबें दस्तियाब कराई जाती है जो अल्पसंख्यक मुस्लिम के साथ अन्याय के साथ ही बिहार के दूसरी राज्य भाषा की उपेक्षा है शिक्षा विद्व का भी कहना है कि बच्चों को उनकी मादरी ज़ुबान में तालीम दी जाय लेकिन जन शिक्षा विभाग द्वारा इस का अनुपालन नही किया जा रहा है जब योजना का संचालन बिहार शिक्षा परियोजना के अधीन था तो उर्दू किताबें मुहैया कराई जाती थीं।शिक्षा सेवी को विशेष प्रशिक्षण देने के लिए प्रशिक्षक का चयन किया गया है उस में भी अल्पसंख्यक समुदाय को नज़र अंदाज़ कर एक भी उर्दू भाषी प्रशिक्षक का चयन नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
सीतामढ़ी ज़िला अन्तर्गत के0 आर0 पी0 चयन में भी सरकारी दिशा निर्देश का अनुपालन नही किया गया चयन से पूर्व जिला या प्रखण्ड स्तर से इसका कोई प्रचार प्रसार भी नहीं किया गया और पर्दे के पीछे ही गुप् चुप तरीके से नियोजन की कार्रवाई की गई है।किसी आरक्षण रोस्टर का अनुपालन नहीं किया गया जो संवैधानिक अधिकारों का हनन है।
नागेन्द्र कुमार पासवान जिला महामन्त्री भारतीय मजदूर संघ सीतामढ़ी और मोहम्मद कमरे आलम ज़िला अध्यक्ष भारतीय माइनॉरिटीज सुरक्षा महासंघ सीतामढ़ी ने निदेशक जन शिक्षा ,प्रधान सचिव शिक्षा विभाग बिहार,मुख्य सचिव बिहार से मांग किया है कि के0 आर0 पी0 के चयन में घोर अनियमितता की गई है।तत्काल प्रभाव से वर्तमान के0 आर0 पी0 की सूची को निरस्त किया जाय तथा आरक्षण रोस्टर के अनुसार तथा तालीमी मरकज पर उर्दू प्राइमर,शिक्षा स्वंय सेवी के प्रशिक्षण व् प्रबोधन के लिए उर्दूभाषी प्रशिक्षक का चयन साथ ही प्राथमिकता के आधार पर अल्पसंख्यक के0 आर0 पी0 का चयन किया जाय।

सरकार के निदेशानुसार सम्पूर्ण साक्षरता अभियान कार्यक्रम के तहत प्रत्येक प्रखण्ड में एक स्थानीय,योग्य व् सक्षम व्यक्ति को के0 आर0 पी0 में बहाल करना था।जिसकी योग्यता कमसे कम स्नातक होनी चाहिए थी।किन्तु शिक्षा विभाग की मनमानी के कारण एक भी अल्पसंख्यक तथा अनुसूचित जाति को के0 आर0 पी0 नहीं बनाया गया।एक ही प्रखंड से 4-4 व्यक्ति को के0 आर0 पी0 बनाया गया , वही किसी प्रखण्ड में एक भी नहीं।अधिकांश के0 आर0 पी0 मात्र मैट्रिक व् इंटर पास है। यह घोर अनियमितता है ।

सामान्य(मुस्लिम) तालिमी मरकज़ के शिक्षा स्वयं सेवकों ने उच्च न्यायालय पटना से केस जीतने के बाद योगदान के लिए ज़िला शिक्षा पदाधिकारी सहरसा को दिया आवेदन

सामान्य(मुस्लिम) तालिमी मरकज़ के शिक्षा स्वयं सेवकों ने उच्च न्यायालय पटना से केस जीतने के बाद योगदान के लिए ज़िला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता सहरसा को आज आवेदन दिया है और उस की प्रतिलिपि निदेशक जन शिक्षा बिहार पटना को भी दी है।

मालूम हो कि जिला सहरसा में जन शिक्षा निदेशक पटना के निर्गत पत्रांक 1088के अनुपालन में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता ने दिनांक 11.08.2018 को दो शिक्षा स्वयं सेवक मोहम्मद शमीम और नकी इमाम की सेवा ये कहते हुए समाप्त कर दिया था कि आप अल्पसंख्यक सामान्य जाति से आते हैं इस लिए आप का नियोजन अवैध है जिस के विरुद्ध मोहम्मद शमीम व अन्य ने पटना उच्च न्यायालय में समादेश संख्या 17914/2018 दाखिल किया था। 19 सितम्बर को माननीय न्यायाधीश ने सुनवाई के दौरान पक्ष सुनने के बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी साक्षरता सहरसा द्वारा निर्गत पत्र को निरस्त कर दिया था।

योगदान आवेदन देने के मौके पर सुपौल ज़िले के अंज़ारूल हक़ मौजूद थे।

ये क़ामयाबी तालिमी मरकज़ सामान्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

नागेन्द्र कुमार पासवान ने प्रेरक, समन्वयक संघों से किया अपील

नागेन्द्र कुमार पासवान ने सीतामढ़ी के सभी प्रेरक, समन्वयक संघ के क्रांतिकारी साथियो से अपील किया है कि कोई भी साथी किसी भी परस्थिति में किसी को प्रभार नहीं देंगे।अपने हक हकूक की लड़ाई अंतिम क्षण तक बहादुरी से लड़ेंगे।
2 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय सामूहिक उपवास कार्यक्रम में भाग लेकर चट्टानी एकता का परिचय दें तथा कार्यक्रम को सफल बनावें।

अखिल भारतीय मजदूर महासंघ के महा मंत्री नागेन्द्र पासवान के नेतृत्त्व में 12 सदस्यों पर मुस्तमिल प्रतिनिधि मंडल ने मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री कुशवाहा को सौंपा ज्ञापन

साक्षर भारत मिशन के कर्मीयों प्रेरकों/समन्वयकों के समायोजन को लेकर अखिल भारतीय मजदूर महासंघ के महा मंत्री नागेन्द्र पासवान के नेतृत्त्व में 12 सदस्यों पर मुस्तमिल प्रतिनिधि मंडल ने श्री उपेन्द्र कुशवाहा, माननीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री भारत सरकार को ज्ञापन सौंप बिहार के 18000 हज़ार प्रेरकों/समन्वयकों को शुरू होने वाली नई योजना” पढ़ना लिखना अभियान ” में समायोजित करने की माँग की है।
ज्ञापन में लिखा है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा साक्षरता मिशन प्राधिकरण के माध्यम से वर्ष 2009से साक्षर भारत मिशन कार्यक्रम चलाया जा रहा है । सम्पूर्ण भारत में 6.5 लाख प्रेरक/समन्वयक जिसमें केवल बिहार में 1800 प्रेरक/समन्वयक निष्ठा पूर्वक अपनी सेवा दे रहे हैं।बिहार को साक्षरता दर वृद्धि में राष्ट्रपति अवार्ड और मधनिषेध के पक्ष में मानव श्रृंखला निर्माण में अहम भूमिका रही जिस कारण बिहार का नाम लिम्का बुक में भी दर्ज हुआ।
राज्य सरकार की उदासीनता के कारण अल्पमानदेय भोगी प्रेरकों/समन्वयकों को 28 महीनों से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है अर्थाभाव के कारण प्रेरक/समन्वयक परेशान हैं कई प्रेरक इलाज के अभाव में असामयिक मृत्यु का शिकार हो गए फिर भी राज्य सरकार की संवेदना नही जगी।
ज्ञापन में आगे कहा गया है कि भारत सरकार के बिना किसी आधिकारिक पत्र के राज्य सरकार ने प्रेरकों/समन्वयकों को 31 मार्च 2018 के बाद जबरन पदमुक्त कर प्रभार देने पर बाध्य कर दिया गया।
आखिर में माननीय मंत्री से अनुरोध किया गया है कि प्रेरकों समन्वयकों को नई योजना में समायोजित किया जाए, लम्बित 28 महीनों का मानदेय भुगतान कराया जाए ,पूर्व की तरह अक्षर आँचल योजना में समन्वयकों को अनुश्रवण, प्रबोधन में लगाया जाए। प्रतिनिधि मण्डल में राम पुकार ठाकुर प्रदेश अध्यक्ष,साधू शरण जी वैशाली,रामदेव यादव मधुबनी,सुमन कुमार झा मधुबनी,मो मुमसैद मुजफ्फरपुर रजनीश कुमार समस्तीपुर विजय कुमार सितांधज एवम् अरुण कुमार राय जिला अध्यक्ष अखिल भारतीय साक्षर भारत मिशन कर्मी महासंघ सीतामढ़ी शामिल थे।

सामान्य(मुस्लिम)जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को हटाने से संबंधित निर्णय को वापस ले सरकार वरना सड़क से लेकर संसद तक होगा आंदोलन :- मोहम्मद कमरे आलम

https://chingariparihar.wordpress.comआठ वर्षों से कार्य कर रहे सामान्य मुस्लिम जाति के शिक्षा स्वयं सेवी(तालीमी मरकज़) को एक झटके में बिहार सरकार द्वारा सेवा से यह कह कर हटा दिया कि आप सामान्य जाति के हैं मैं सरकार से यह पूछना चाहता हूँ कि क्या सामान्य मुस्लिम जाति अल्पसंख्यक है या नहीं ? सरकार का काम बेरोज़गार को रोजगार देना होता है उस से रोजगार छीनना नहीं ।सामान्य मुस्लिम जाति को तालीमी मरकज़ से हटाने के निर्णय को वापस ले और हटाये गए लग -भग 3800 सौ शिक्षा स्वयं सेवकों की सेवा बहाल की जाए वरना चरणबद्ध तरीके से सड़क से लेकर संसद तक आन्दोलन किया जाएगा

तालीमी मरकज़ (सामान्य) केस मोहम्मद शमीम व अन्य vs बिहार सरकार व अन्य में कोर्ट ने निदेशक जन शिक्षा बिहार पटना के आदेश को किया निरस्त

MD QAMRE ALAM

पूरे बिहार के तालीमी मरकज़( सामान्य) जाति के शिक्षा स्वयं सेवकों के लिए सबसे बड़ी खबर और खुशी की बात ये है कि आज पहली जीत का आग़ाज़ सहरसा ज़िला के मोहम्मद शमीम के केस से हो गया है माननीय न्यायाधीश पटना हाई कोर्ट श्री मोहित कुमार शाह ने डायरेक्टर जन शिक्षा, शिक्षा विभाग बिहार पटना के लेटर को निरस्त कर दिया

है।

जीत का सेहरा विद्वान अधिवक्ता श्री शशि भूषण सिंह को जाता है।

पश्चिम बंगाल और झारखंड की तर्ज़ पर बिहार में शैख़/पठान को EBC में शामिल किया जाए :- मोहम्मद कमरे आलम

बिहार में निवास करने वाले मुस्लिम समुदाय के शैख़, पठान/खान, सय्यद जातियों को अतिपिछड़ा वर्ग की श्रेणी में सम्मिलित किया जाये ।
मोहम्मद कमरे आलम ज़िला अध्यक्ष भारतीय माइनॉरिटीज सुरक्षा महासंघ सीतामढ़ी ने माननीय मुख्यमंत्री बिहार से ,बिहार में निवास करने वाले मुस्लिम समुदाय के शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से सबसे अधिक कमज़ोर शैख़, पठान/खान और सय्यद जातियों को EBC श्रेणी में सम्मिलित किया जाय।
” सच्चर कमिटी ने भी ने अपने रिपोर्ट में मुसलमानों की स्थिति के बारे में स्पष्ट लिखा है कि मुसलमानों शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति दलितों से कई गुना बदतर है।”
बिहार में तो अनेक्चर 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातियों से भी बदतर हालात शैख़ पठान/खान और सय्यद की हो चुकी है।
“”न्याय के साथ विकास “” नीति कार्यक्रम के तहत न्याय करते हुए उक्त मुस्लिम समुदाय के जातियों के साथ न्याय किया जाय और EBC श्रेणी में सम्मिलित करने की माँग बिहार सरकार से की है।

पश्चिम बंगाल और झारखंड की तर्ज़ पर बिहार में शैख़/पठान को EBC में शामिल किया जाए :- मोहम्मद कमरे आलम

बिहार में निवास करने वाले मुस्लिम समुदाय के शैख़, पठान/खान, सय्यद जातियों को अतिपिछड़ा वर्ग की श्रेणी में सम्मिलित किया जाये ।
मोहम्मद कमरे आलम ज़िला अध्यक्ष भारतीय माइनॉरिटीज सुरक्षा महासंघ सीतामढ़ी ने माननीय मुख्यमंत्री बिहार से ,बिहार में निवास करने वाले मुस्लिम समुदाय के शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से सबसे अधिक कमज़ोर शैख़, पठान/खान और सय्यद जातियों को EBC श्रेणी में सम्मिलित किया जाय।
” सच्चर कमिटी ने भी ने अपने रिपोर्ट में मुसलमानों की स्थिति के बारे में स्पष्ट लिखा है कि मुसलमानों शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति दलितों से कई गुना बदतर है।”
बिहार में तो अनेक्चर 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातियों से भी बदतर हालात शैख़ पठान/खान और सय्यद की हो चुकी है।
“”न्याय के साथ विकास “” नीति कार्यक्रम के तहत न्याय करते हुए उक्त मुस्लिम समुदाय के जातियों के साथ न्याय किया जाय और EBC श्रेणी में सम्मिलित करने की माँग बिहार सरकार से की है।

शासकीय कर्मचारी को मिलने वाली छुट्टी एवं उसके नियम

शासकीय कर्मचारी को मिलने वाली छुट्टी एवं उसके नियम

*1 – अर्जित अवकाश :-*
यह अवकाश प्रत्येक वर्ष 31 दिन के देय है। 1 जनवरी को 16 दिन तथा 1 जुलाई को 15 दिन दो किस्तों में देय है।
यह अवकाश पूरे सेवा काल में 300 दिनों तक जमा किया जा सकता है। भारत में लगातार 120 दिन की तथा भारत से बाहर 180 दिनों की छुट्टी देय है।
_*मूल नि.- 81-बी(1)*_

*2 – चिकित्सा अवकाश :-*
यह अवकाश स्थाई कार्मिकों को पूरे सेवा काल में 12 माह तक पूरे वेतन पर तथा 6 माह तक अर्ध वेतन पर देय है।
_*मूल नि.-81-बी(3)*_

*3 – निजी कार्य पर, अर्ध वेतन पर अवकाश :-*
स्थाई कार्मिकों को यह अवकाश पूरे सेवा काल में 365 दिनों तक अर्ध वेतन पर देय है। यह अवकाश भी अर्जित अवकाश की तरह 1 जनवरी को 16 दिन तथा 1 जुलाई को 15 दिन कर्मचारी के खाते में जमा हो जाता है तथा यह अवकाश भी कर्मचारी के खाते में पुरा यानी 365 दिनों तक जमा किया जा सकता है।
_*मूल नि.-81-बी(3)*_

*4 – असाधारण अवकाश ( बिना वेतन का ) :-*
यह अवकाश अन्य अवकाश के साथ मिलाकार अथवा बिना वेतन का अवकाश अलग से 5 वर्ष तक का देय है। 5 वर्ष से अधिक शासन द्वारा स्वीकृति किया जा सकता है।
_*मूल नि.-18, 81-बी(5)*_

*5 – विशेष बिकलांगता अवकाश :-*
यह अवकाश ड्यूटी करते समय दुर्घटना होने पर कूल 24 माह का निम्न प्रकार देय है।

1 – प्रथम 6 माह पूरे वेतन पर। तथा यह 6 माह ड्यूटी मानी जायेगी।
2 -119 दिन पूर्ण वेतन पर। लेकिन यह अवकाश माना जायेगा।
3 – शेष 14 माह 1 दिन अर्ध वेतन पर देय है।

यह अवकाश किसी भी अन्य अवकाश से घटाया नही जायेगा।
_*मूल नि.-83 तथा 83 ए*_
_*मूल नि.-9(6) ख (4)*_
_*मूल नि.-83 क (3) (ख)*_

*6 – अध्ययन अवकाश(study leave) :-*
यह अवकाश पूरे सेवा काल 24 माह का अर्ध वेतन पर देय है। एक बार में लगातार 12 माह तक छुट्टी देय है। यह अवकाश भी किसी अन्य अवकाश से घटाया नही जायेगा।
नोट-यह उन्ही कर्मचारी को मिलेगी जिनकी सेवा काल 5 वर्ष हो गई हो। तथा यह अवकाश सेवानिवृति होने के 3 वर्ष पहले तक ही मिलेगी।
_*मूल नि.-84*_

*7 – राश्रीकृति अवकाश (commuted leave) :-*
यह अध्ययन अवकाश की तरह ही है। इसमें भारत में 45 दिन तक तथा भारत से बाहर 90 दिन तक पूरे वेतन पर देय है। लेकिन यह अवकाश निजी कार्य पर अर्ध वेतन पर जमा अवकाश में से दुगुनी घटाई जायेगी।
_*मूल नि.-81(बी)-4*_

*8 -(1)प्रसूति अवकाश (महिलाओं के लिए) :-*
यह अवकाश केवल महिलाओं को प्रसूति हेतू 180 दिन यानी 6 माह तक 2 बच्चों तक देय है। 8 (2) Child Care Leave:-बच्चों के पालन पोषण हेतू 730 दिन तक पूरे वेतन पर दो बच्चों तक अलग से देय है। यह 730 दिन का अवकाश बच्चों के 18 वर्ष की उम्र होने तक due रहेगी। तथा एक कलेंडर वर्ष में 3 बार देय है। लेकिन एक बार में कम से कम 15 दिन का छुट्टी लेना होगा।
8(3) MTP Leave:- गर्भ समापन अवकाश, चिकित्सा प्रमाण पत्र के आधार पर 6 सप्ताह तक पुरे वेतन पर पूरे सेवा काल में असीमित बार देय है।
*नोट -* गर्भ समापन का मतलब (Miscarriage ) बच्चा ख़राब होने से है।
_*सहायक नि.-153*_
_*शासनादेश संख्या-2-2017, दि. 08.12.2008*_

*9 – चिकित्सालय अवकाश :-*
यह अवकाश उन कर्मचारियों को देय है जिनकी जान का जोखिम हो तथा सभी विभागों के सुरछा गार्डों एवं बंदी रच्छकों को देय है। यह अल्प वेतन भोगी कर्मचारियों को देय है।
प्राथमिकी चिकित्सक की संस्तुति पर 6 माह तक देय है। जिसमे प्रथम 3 माह पूर्ण वेतन पर तथा अगला 3 माह अर्ध वेतन पर। 3 वर्ष बाद पुनः6 माह का उपरोक्तानुसार देय होगा।

*10 – एंटी रेबीज उपचार हेतू अवकाश :-*
यदि किसी कार्मचारी को पागल कुत्ता या अन्य जानवर काट ले तो उसे सरकारी चिकित्सक की संस्तुति पर पूर्ण वेतन पर अवकाश देय है। यह अवकाश किसी अन्य अवकाश से घटाया नही जाएगा। दिन की कोई सीमा तय नहीं है। डॉक्टर के द्वारा छुट्टी के दिनों की संख्या निर्धारित होगी।
_*मूल नि.-9(6) (क) (3)*_

*11 – आकस्मिक अवकाश :-*
यह अवकाश प्रत्येक कलेंडर वर्ष में 14 दिन देय है। तथा 2-3दिन का विशेष अवकाश भी स्वीकृति किया जा सकता है। एक बार में अधिकतम 10 दिनों की छुट्टी स्वीकृति हो सकती है। यह अवकाश कर्मचारी के खाते में जमा नही होगी। हर साल छुट्टी न लेने पर बची हुई छुट्टी स्वतः ही लेप्स हो जायेगी।
_*ध्यान रहे यह अवकाश लेने पर बीच में पड़ने वाले अवकाश जैसे रविवार या अन्य छुट्टी को जोड़ा नही जाये।

जन वितरण प्रणाली दूकान रिक्ति के निर्धारण में अनियमितता, संशोधन की माँग

जिला सीतामढ़ी अन्तर्गत ग्राम पंचायत बाया प्रखण्ड परिहार में जन वितरण प्रणाली दूकान के रिक्ति के निर्धारण में अनियमितता बरतने का मामला सामने आया है।ग्राम बारा नोनाही के सैकड़ों लोगों ने समाहर्ता सीतामढ़ी को आवेदन देकर इस की शिकायत की है।आवेदन पत्र में ग्रामीणों ने लिखा है कि सरकारी प्रावधान के मुताबिक जन वितरण प्रणाली वितरण दूकान विहीन राजस्व ग्राम में जन वितरण दूकान खोलने का प्रावधान किया गया है इसके लिए प्रखण्ड स्तर से रिक्तियों की माँग की गई थी प्रखण्ड स्तरीय पदाधिकारी ने बाया पंचायत में जन वितरण प्रणाली दूकान विहिन राजस्व ग्राम बारा नोनाही को छोड़ जिस राजस्व ग्राम शिव नगर में पहले से दूकान है उसी राजस्वग्राम की रिक्ति नए दूकान खोलने के लिए ज़िला को भेज दिया है।ग्रामीणों ने माँग किया है कि राजस्व ग्राम शिव नगर में जो रिक्ति दिखाई गई है वह ग़लत है उसको संशोधित कर दूकान विहीन राजस्व ग्राम बारा नोनाही में किया जाए ।मालूम हो कि बारा नोनाही अल्पसंख्यक मुस्लिम बहुल गाँव है जिसकी जनसंख्या छः हज़ार और मतदाताओं की संख्या लग- भग दो हज़ार के आस -पास है।ये गाँव चार वार्डों पर आधारित है और इस राजस्व ग्राम में पूर्व से कोई जन वितरण प्रणाली की दूकान नही है।

अल्पसंख्यक (मुस्लिम)सामान्य जाति के शिक्षा स्वयं सेवक को अक्षर आँचल योजना से सेवामुक्त करने से पूर्व नियोजनकर्ता /अनुमोदनकर्ता से जवाब तलब किया जाना चाहिए था :- मोहम्मद कमरे आलम

अल्पसंख्यक (मुस्लिम)सामान्य जाति के शिक्षा स्वयं सेवक को अक्षर आँचल योजना से सेवामुक्त करने से पूर्व नियोजनकर्ता /अनुमोदनकर्ता से जवाब तलब किया जाना चाहिए था परन्तु ऐसा नहीं किया गया और बिना नियोजनकर्ता/अनुमोदनकर्ता से जवाब तलब किये ही सेवामुक्ति का पत्र थमा कर लग-भग 3800 सौ अल्पसंख्यक मुस्लिम सामान्य EVS को बेरोजगारी के दल- दल में धकेल कर भूखमरी की ज़िंदगी जीने पर मजबूर कर दिया गया है जिसमें आधी आबादी मुस्लिम सामान्य महिलाओं की है जिसमें बेवा भी शामिल है।

मोदी सरकार के राफेल घोटाले के विरूद्ध ज़िला समाहरणालय के समक्ष ज़िला काँग्रेस का धरना प्रदर्शन

SBI परिहार ग्राहक सेवा केन्द्र (CSP) के आड़ में साइबर क्राइम कर नेट बैंकिंग/ मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से खाताधारी के बैंक एकाउंट से राशि की निकासी

अल्पसंख्यक मुस्लिम सामान्य जाति को अक्षर आँचल योजना से सेवा मुक्त और योजना को सिर्फ अतिपिछड़े मुस्लिम के लिए आरक्षित करना अन्याय है :- मोहम्मद कमरे आलम

अल्पसंख्यक मुस्लिम सामान्य जाति को अक्षर आँचल योजना से सेवा मुक्त और योजना को सिर्फ अतिपिछड़े मुस्लिम के लिए आरक्षित करना अन्याय है :- मोहम्मद कमरे आलम

अल्पसंख्यक मुस्लिम सामान्य जाति को अक्षर आँचल योजना से सेवा मुक्त और योजना को सिर्फ अतिपिछड़े मुस्लिम के लिए आरक्षित करना अल्पसंख्यक मुस्लिम सामान्य जाति के साथ ज़ुल्महै, अन्याय ही नहीं शिक्षा का अधिकार अधिनियम के विरूद्ध भी है :- मोहम्मद कमरे आलम

काँग्रेस पार्टी के भारत बन्द आह्वान पर काँग्रेस प्रखण्ड अध्यक्ष मोहम्मद सऊद आलम के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कराया परिहार बन्द

परिहार प्रखंड काँग्रेस कमिटी के द्वारा पार्टी के ” भारत बंद ” करने के आह्वान को लेकर परिहार बन्द करवाया गया।बन्दकारिओं ने परिहार चौक से सीतामढ़ी जाने वाले मार्ग को अवरुद्ध कर दिया जिस से आवागमन 1:00 बजे तक पूर्णतः ठप हो गया ।बन्दकारी परिहार को बन्द करते हुए परवाहा पहुँच गए और पेट्रोल पंम्प को बन्द कराया और परवाहा चौक को बन्द कर दिया।
भारत बन्द का नेतृत्व मोहम्मद सउद आलम अध्यक्ष प्रखण्ड कांग्रेस कमिटी परिहार कर रहे थे।
मौके पर मो.आलुद्दीन रिजवी आशेवर राय, उपेंद्र यादव, महा सचिव संजीव झा , मुस्तफा ,कौसर रब्बानी आशिक हुसैन एवं सैकड़ों लोग शामिल थे।

शिक्षा मानव विकास की कुंजी एवं पूँजी है :- नागेन्द्र पासवान

8 सितम्बर (सीतामढ़ी),अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर मध्य विद्यालय बेरवास डुमरा सीतामढ़ी में आयोजित विचार गोष्ठी सह सांस्कृतिक कार्यक्रम का उदघाटन करते हुए साक्षर भारत मिशन के मुख्य कार्यक्रम समन्वयक नागेन्द्र कुमर पासवान ने संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा मानव विकास की कुंजी एवम् पूंजी है।आज रोटी कपड़ा और मकान के साथ साथ शिक्षा और स्वास्थ्य हमारी मौलिक आवश्यकता बन गयी है। शिक्षा हमारा मौलिक अधिकार है ।सबको शिक्षा उपलब्ध करना सरकार की नैतिक जिम्मेवारी बन गयी है।यद्यपि सरकार शिक्षा के सर्वव्यापीकरण सुदृढ़ीकरण की दिशा में प्रयास रत भी हैविभिन्न प्रकार की योजना परियोजना चलाइ जा रही है।कुछ उप्लबधिया मिली है ।फिर भी कुछ चुनौतियां है।
असाक्षर महिलाओं को साक्षर कर विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए केंद्र प्रायोजित साक्षर भारत मिशन एवम् राज्य सम्पोषित अक्षर आँचल योजना के तहत महादलित दलित अभिवंचितो अल्पसंखक महिलाओ के लिए उत्थान केंद्र,तालीमी मरकज साक्षरता केंद्र पर शिक्षा सेवक,प्रेरक,द्वारा साक्षरता अभियान चलाया गया। परिणाम स्वरूप् साक्षरता वृद्धि दर में आशातीत सफलता मिली है।
इस अवसर पर क्लजठ के कलाकारों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम गीत नृत्य लघुनाटक प्रस्तुत किया गया जिदमे विद्यालय की छात्र ने भी भाग लिया।
विचार गोष्ठी को प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी डा.अमरेंद्र पाठक,एस आर जी, संजय कुमार ‘मधु’,के आर पी शैल देवी,तालीमी मरकज के जिला अध्यक्ष नेक मोहम्मद अंसारी,विद्यालय के प्रधानध्यापक मनोज कुमार,विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष सत्यनारायण साह ने बीबी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर विद्यालय के छात्र छात्राओ शिक्षक अभिभावक टोला सेवक शिक्षा सेवक एवम् नव साक्षर महिलाओं द्वरा साक्षरता रैली निकाली गई।
विद्यालय की छात्रा द्वारा रंगोली प्रतियोगिता की गई।
मौके पर प्रखण्ड के सभी शिक्षा सेवक तालीमी मरकज टोला सेवक विद्यालय के सभी शिक्षक एवं ग्रामीण उपस्थित थे।

तालीमी मरकज़ शिक्षा स्वयं सेवक( सामान्य जाती ) का मुख्यमंत्री बिहार को खुला पत्र

महादलित अल्पसंख्यक एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना को मुस्लिमों में सिर्फ परिशिष्ट1 में सम्मिलित मुस्लिम जातिओं के लिए आरक्षित करना शिक्षा का अधिकार अधिनियम का उल्लंघन है :- मोहम्मद कमरे आलम

महादलित अल्पसंख्यक एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना को मुस्लिमों में सिर्फ परिशिष्ट1 में सम्मिलित मुस्लिम जातिओं के लिए आरक्षित करना शिक्षा का अधिकार अधिनियम का उल्लंघन है :- मोहम्मद कमरे आलम

प्रेस बयान जारी कर मोहम्मद कमरे आलम ने कहा है कि “” महादलित अल्पसंख्यक एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग अक्षर आँचल योजना “” को मुस्लिमों में सिर्फ परिशिष्ट 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातिओं के लिए आरक्षित कर देना शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 का उल्लंघन है ।
राज्य सरकार द्वारा परिभाषित शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत अभवंचित समूह में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक समुदाय आता है।उक्त योजना को परिशिष्ट 1 में सम्मिलित मुस्लिम जातिओं के लिए आरक्षित कर अल्पसंख्यक सामान्य जाति को लाभ से वंचित कर दिया गया है जो शिक्षा का अधिकार अधिनियम में परिभाषित अल्पसंख्यक समुदाय को मिले अधिकार का उलंघन है क्योंकि सामान्य मुस्लिम भी अल्पसंख्यक हैं।

मुस्लिम छात्र विहीन विद्यालय में शिक्षा स्वयं सेवकों (तालीमी मरकज़) का नियोजन, सरकारी राशि का दुरुपयोग